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    पंचाचूली पर्वत

    panchchuli-peaks

    कुमाऊं के उत्तरी भाग में स्थित पंचाचूली पर्वत 5 पर्वतों की श्रृंख्लायें है। जिन्हे पंचाचूली 1,2,3,4,5 के नाम से जाना जाता है। इनकी ऊँचाई क्रमशः 6,355 मी., 6,904 मी., 6,312 मी., 6,334 मी., 6,437 मी. है। यह पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। इसका वास्तविक व सम्पूर्ण रूप मुंसियारी से देखा जा सकता है। और भव्य रूप धारचूला के दारमा घाटी में स्थित दुग्तू और दांतु गांव से देखा जा सकता है। दुग्तू गांव को पंचाचूली का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। कुमाऊं के अल्मोड़ा, नैनीताल, रानीखेत, पिथौरागढ़ आदि हिलस्टेशनों से भी इसका दीदार होता है।


    कहा जाता है कि पाण्डव जब स्वर्ग आरोहण के लिये हिमालय को प्रस्थान करने लगे तो अंतिम बार अपना भोजन इसी पर्वत श्रृंख्ला में बनाया । पांच बिंदुओं पर पांच छोटे चूल्हें बनाने के कारण ही इन्हें पंचाचूली कहा गया। कहीं-कहीं यह भी सुनने को आता है कि ये पांच श्रृंख्ला, पाण्डवों के प्रतीक है।


    1972 में प्रथम बार पंचाचूली 1 पर भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों द्वारा आरोहण किया गया। जिसका नेतृत्व हुकुम सिंह ने किया। 1973 में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस ने ही पंचाचूली 2 पर आरोहण किया। पंचाचूली 2 पांचों श्रृंख्लाओं में सबसे ऊंची है। महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में इस पर्वत पर आरोहण किया गया। 1995 उमें न्यूजीलैण्ड के पर्वतारोही पंचाचूली 4 पर चढ़े। 1992 में पंचाचूली 5 पर आरोहण किया गया।


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