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    शेखर जोशी

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    shekharjoshi

    शेखर जोशी

     जन्म:  सितम्बर 10, 1932
     जन्म स्थान: ग्राम - ओलिया (अल्मोड़ा)
     शिक्षा  इंटरमीडिएट
     पिता:  -
     माता:  -
     पत्नी  -
     व्यवसाय:  लेखक

    उत्तराखण्ड ने साहित्य के क्षेत्र में हिन्दी जगत को कई रचनाकार दिये है। उन्ही में से एक नाम है शेखर जोशी। शेखर जोशी जी का जन्म अल्मोड़ा के ओलिया गांव (तहसील सोमेश्वर) में एक किसान परिवार में हुआ था। इनकी शिक्षा देहरादून व अजमेंर में सम्पन्न हुई। शेखर जोशी जी जब इण्टर में थे तब इनका चयन सुरक्षा विभाग के ई.एम.ई में हो गया था। 1955 से 1986 तक सैनिक औद्योगिक प्रतिष्ठान में कार्यरत रहने के बाद इन्होने स्वैच्छिक रूप से त्यागपत्र दे दिया और स्वंतत्र लेखन में लग गये।


    रचनाओं में बसा है पहाड़ी जीवन


    पहाड़ी होने के कारण जोशी जी की रचनाओं में पहाड़ के जीवन का समावेश मिलता है। इनकी अधिकतर कहानियां आंचलिक होती है। जोशी जी की रचनाओं का अनुवाद भारतीय भाषाओं के साथ साथ अंगेजी, रूसी, जापानी आदि भाषाओं में भी हुआ है। जोशी जी को सबसे पहले 'कोसी के घटवार' कहानी से पहचान मिली, जो कि 'कल्पना पत्रिका' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई थी। इस कहानी को पाठकों ने काफी पसंद किया। 'धर्मयुग पत्रिका' द्वारा 1955 में एक कहानी प्रतियोेगिता करवाई जिनमें इन्हें प्रथम पुरूस्कार मिला। इनकी कहानी 'दाज्यू' पर बाल फिल्म सोसाइटी द्वारा फिल्म भी बनाई गई है।


    इनकी प्रसिद्ध रचनाएँ


    दाज्यू, कोसी के घटवार, हलवाहा, साथ के लोग, मेंटल, प्रतिनिधि कहानियाँ, बच्चे का सपना, बदबू, चींटी के पर, अथ मूषक उवाच, मेरा पहाड़, नौरंगी बीमार है, एक पेड़ की याद (शब्दचित्र संग्रह) आदि।


    सम्मान


    जोशी जी को कई सम्मान भी मिले है जिनमें 1987 में उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा 'महावीरप्रसाद द्विवेदी पुरूस्कार', 1995 में 'साहित्य भूषण' व 1997 में 'पहल सम्मान' व 'मैथिलीशरण गुप्त सम्मान' प्रमुख है। अभी हाल ही में इन्हे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा श्रीलाल शुक्ल सम्मान भी प्राप्त हुआ है।

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