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    ठ्वाक या गुंठी

    uttarakhand traditional jewellery thavak or gunthi

    ठ्वाक या गुंठी चांदी का बनाया जाता था। हालांकि अब यह आभूषण प्रचलन में नहीं है। यह गिलास के आकार के चाँदी की पत्ती से निर्मित कड़े होते थे। जिनमे अलग-अलग प्रकार की कारीगरी करी जाती थी। यह कलाई से कोहनी तक लम्बा होता है। ठ्वाक को एक ओर से खोल कर पहना जाता था। इसे बंद करने के लिए कब्जेदार पेच बनाये जाते थे जिससे इसे कलाई में लगा के बंद किया जाता था।


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