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    कॉमन पीकॉक - उत्तराखंड राज्य तितली

    comman- peacock-uttarakhand-state-butterfly

    कॉमन पीकॉक

    उत्तराखंड राज्य तितली

    वैज्ञानिक नामपैपिलियो बायनर
    वर्गकीट
    अपनाया गया2016

    भारत में तितलियों की लगभग 1300 प्रजातीय पाई जाती है जिनमे से 500 प्रजाति सिर्फ उत्तराखंड में पाई जाती है। उत्तराखंड को तितलियों का घर कहा जाता है इसी लिए उत्तराखंड ने अपने राज्य प्रतीक चिन्हों में कॉमन पीकॉक तितली को राज्य तितली के रूप में शामिल किया है। ऐसा करने वाला उत्तराखंड भारत का दूसरा राज्य है। इससे पहले 2015 मे महाराष्ट्र ने अपने राज्य प्रतीक चिन्ह में ब्लू मॉरमॉन (blue mormon) को शामिल किया था। पहाड़ी राज्य में पाई जाने वाली तितलियों की प्रजातियों को लोकप्रिय बनाने व संरक्षण हेतु सरकार ने गढ़वाल (देहरादून) और कुमाऊँ (नैनीताल) क्षेत्रों में दो तितली पार्क स्थापित किए हैं।


    2016 में तत्काल मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में "कॉमन पीकॉक" को राज्य तितली के रूप में चुना गया था।


    कॉमन पीकॉक का वैज्ञानिक नाम ‘पैपिलियो बायनर’ (Papilio bianor) है। ‘कॉमन पीकॉक बटरफ्लाई’ को यह नाम मोर जैसे रूप-रंग का होने की वजह से मिला है। भारत में यह उतराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तर पूर्व के राज्यों में पायी जाती है। भारत के अलावा यह चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी हिमालय के एशियाई देशों में भी पायी जाती है। कॉमन पीकॉक 7000 फीट से अधिक ऊंचाई में पाई जाती है। इस खूबसूरत तितली का जीवन काल डेढ़ महीने का होता है। इसका आकार करीब 90 से 130 मिमी के बराबर होता है। इस तितली को बसंत के मौसम में मार्च से लेकर जाड़ों की शुरुआत में अक्टूबर तक आसानी से देखा जा सकता है। वर्ष 1996 में सबसे अद्भुत तितली को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड का खिताब दिया गया।


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