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    संतोष खेतवाल

     संतोष खेतवाल


    संतोष खेतवाल अपने जमाने के बेहद चर्चित गढ़वाली गायक रह चुके हैं। हालांकि अब सरकारी नौकरी के कारण वह पहले की तरह गायकी की क्षेत्र में उतने मगन नहीं रह पाते, लेकिन अभी भी उत्तराखंड में उनके कई गाने लोगों को मुंह जुबानी याद हैं।

    बचपन

    संतोष का जन्म 29 जुलाई 1963 को मेंदौली गांव में हुआ था। यह गांव पौड़ी गढ़वाल के अंदर आता है। संतोष के पिता का नाम स्वर्गीय दलवीर सिंह था और माता का नाम महेश्वरी देवी था। उनके पिता सीआरपीएफ में थे और पिता के कारण ही संतोष की दिलचस्पी संगीत और गढ़वाली गानों में पैदा हुई। संतोष की पत्नी का नाम पुष्पा देवी है और उनकी दो बेटियां और दो बेटे हैं। उनका बेटा संकल्प टीवी के रियलिटी शो राइजिंग स्टार में भी चुना गया था और वह भी गढ़वाली गाने गाता है।

    ऐसे हुई शुरुआत

    संतोष कहते हैं कि संगीत के क्षेत्र में पहला कदम मैंने 8 साल की उम्र में तब रखा जब मैंने अपने पिताजी का हारमुनियम बजाया था। उसे सुनकर उनके पिता समझ गए थे कि संतोष के अंदर एक कलाकर की प्रतिभा छुपी है। उसके बाद उन्होंने स्कूल के समारोहों में गाना बजाना शुरू कर दिया। हालांकि गायन का मौका उन्हें दसवीं में मिला जब उनके एक अध्यापक ने उन्हें गाने के लिए कहा।

    शिक्षा-दिक्षा

    दसवीं के बाद संतोष अपने गांव से देहरादून आ गए और वहीं से उन्होंने अपनी आगे की परीक्षा शुरू की। ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने एमकॉम किया और उसी बीच क्लासिकल सिंगिग की ट्रेनिंग लेनी भी शुरू कर दी।

    करियर

    1981 में संतोष ने आकाशवाणी नजीबाबाद में गाने का ऑडीशन दिया और वह पास भी हो गए। उसके बाद उन्होंने वहां पर कई गाने गाए। 1985 में उन्होंने अपना पहला कैसेट रिलीज किया था उनके उस कैसेट में उनके गाने के बोल थे रुपया रुपया हाय रुपया। फिर उनका दूसरा एलबम आया 1987 में और फिर सिलसिला चलता ही रहा।

    नौकरी

    उसके बाद संतोष की सरकारी नौकरी लग गई और वह उसी में व्यस्त हो गए। इसी बीच 1995 में चंद्र सिह चौहान ने उन्हें अपनी एक फिल्म में काम करने को कहा। इन दिनों संतोष पौड़ी में कार्यरत हैं और देहरादून में बसे अपने परिवार के पास आते- जाते रहते हैं। उन्होंने अपने बेटों के साथ मिलकर एक एलबम भी तैयार की है जिसका ऑडियो वह यूट्यूब पर रिलीज कर चुके हैं।

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