KnowledgeBase


    मेजर राजेश सिंह अधिकारी

    Major Rajesh Singh Adhikari

    राजेश सिंह अधिकारी

    जन्म25 दिसम्बर, 1970
    जन्म स्थाननैनीताल, उत्तराखंड
    सेवाभारतीय सेना
    सेवा वर्ष1993-1999
    रैंकमेजर
    यूनिटग्रिनेडियर
    युद्धकारगिल युद्ध
    सम्मानमहावीर चक्र
    मृत्यु30 मई, 1999

    मेजर राजेश सिंह अधिकारी भारतीय सेना के अधिकारी थे जिन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी। युद्ध के मैदान में बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत दूसरे सर्वोच्च भारतीय सैन्य सम्मान, महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।


    प्रारंभिक जीवन


    राजेश सिंह अधिकारी जी का जन्म नैनीताल में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ कॉलेज से पूरी करी। इंटर की पढ़ाई गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, नैनीताल से पूरी करी और 1992 में कुमाऊं यूनिवर्सिटी नैनीताल से बी.एस.सी. सनातक हुए। मेजर अधिकारी ने 1998 में सुश्री किरण नेगी से शादी की थी।


    करियर


    राजेश सिंह हमेशा से सेना में अधिकारी बनना चाहते थे। जल्द ही उनका चयन भारत की प्रमुख सैन्य अकादमी "भारतीय सैन्य अकादमी" में हो गया। 11 दिसंबर 1993 को 23 साल की उम्र में उन्हें 2 मेक इन्फेंट्री बटालियन में कमीशन मिला। उन्हें कारगिल युद्ध के समय 18 ग्रेनेडियर्स में तैनात किया गया था।


    कारगिल युद्ध


    जब भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर के कारगिल क्षेत्र (वर्तमान भारत के लद्दाख़ केन्द्रशासित प्रदेश में स्थित) में पाकिस्तानी सेना द्वारा नियोजित आतंकवादियों के रूप में तैयार घुसपैठ के कारण भारी लड़ाई छिड़ गई। भारतीय सेना को ऊंचाइयों में स्थित उन घुसपैठियों को साफ करने की कारवाही का आदेश दिया गया था। इस करवाई को नाम दिया गया था ऑपरेशन विजय। ग्रिनेडियर (मैकेनाइज्ड इन्फैन्ट्री) के मेजर राजेश सिंह अधिकारी को 30 मई, 1999 को कारगिल युद्ध के समय तोलोलिंग चोटी पर कब्जा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 15 हजार फीट की ऊँचाई पर बर्फ से ढकी इस चोटी से घुसपैठियों ने मशीनगन से अन्धाधुंघ गोलियां बरसाई। गोलियों की बौछार की परवाह किए बगैर मेजर राजेश सिंह अधिकारी राकेट लौंचर की कवरिंग फायर करते हुए दुश्मन के बंकर में घुस गए और और घुसपैठियों को मार गिराया। इस कार्यवाही में मेजर अधिकारी गम्भीर रूप से घायल हो वीरगति को प्राप्त हुए। चोटी पर भारतीय फौज का कब्जा हो गया।


    सम्मान


    ✤ असीम शौर्य प्रदर्शन के लिए मेजर राजेश सिंह अधिकारी को मरणोपरान्त दूसरा सबसे बड़ा सैन्य सम्मान 'महावीर चक्र' प्रदान कर सम्मानित किया गया। भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति के.आर. नारायणन ने एक अलंकरण समारोह में नई दिल्ली में मेजर अधिकारी की विधवा पत्नी को यह अलंकरण प्रदान किया।


    ✤ नैनीताल के राजकीय इंटर कॉलेज का नाम उनके नाम पर "शहीद मेजर राजेश सिंह अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज" रखा गया है।

    Leave A Comment ?