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    तेरी सौं - उत्तराखंड आन्दोलन पे आधारित पहली फिल्म

    teri saun poster

    तेरी सौं

    निर्देशकअनुज जोशी
    निर्माताअनुज जोशी
    संगीतअलोक मलासी
    पार्श्व संगीतविरेन्द्र नेगी
    लेखकअनुज जोशी
    छायांकनजतिंदर सांइराज
    अभिनेतासक्षम जुयाल (मानव)
    अभिनेत्रीपूजा रावत (मानसी)
    प्रदर्शन तिथि2003
    भाषाकुमाऊंनी व गढ़वाली

    मई 2003 में रिलीज़ हुई तेरी सौं उत्तराखंड आंदोलन पे आधारित पहली फिल्म थी। यह फिल्म को मुंबई के एक टेलीविजन धारावाहिक निर्देशक अनुज जोशी द्वारा लिखित, निर्मित और निर्देशित किया गया था। इस फिल्म में नायक मानव और नायिका मानसी के किरदार साक्षम जुयाल और पूजा रावत द्वारा निभाए गए थे इसके साथ देहरादून के उत्तराखंड संस्कृत मोर्चा के अनुभवी थियेटर अभिनेताओं में रामेंद्र कोटनाला, दुर्गा कुकरेती, रोशन धस्माना, रजनी डुकलान, कुलानंद घनश्याला, गिरीश सुंद्रियाल, विनीत गरोला, गोकुल पंवार और अन्य शामिल थे।


    हिंदी में 70 प्रतिशत संवाद होने के बावजूद भी इस फिल्म के अलग-अलग गढ़वाली और कुमाउनी संस्करण तैयार किए गए थे, ताकि राज्य के दोनों मण्डलों की भाषाओं की मौलिकता को इस फिल्म से जोड़ा जा सके। तेरी सौं कुमाउनी और गढ़वाली की पहली फिल्म थी जिसके गीतों के रिलीज़ होने के पहले सप्ताह में ही 35,000 से अधिक प्रतियां बेचने का कीर्तिमान स्थापित किया था।


    इस फिल्म में पात्रों के काल्पनिक जीवन के साथ-साथ 1994 की घटनाओं और आंदोलन के तथ्यों को गड़ा गया है। फिल्म के पहले भाग में नायक और नायिका का मिलना और उन्हें एक साथ लाती है और वहीं दूसरे भाग में मुजफ्फरनगर की घटना के काले कारनामों से आहत नायक अहिंसा का मार्ग अपना लेता है। आखिरकार, बहुत आंतरिक संघर्ष के बाद नायक अपने परिवार, शिक्षकों और रिश्तेदारों के प्यार से हिंसा से दूर होने और शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से उत्तराखंड संघर्ष जारी रखने का प्रण लेता है।


    फिल्म के गीत


    1. तेरी सौं (गढ़वाली/कुमाउनी)
    2. धारा मा से जून
    3. सौं उटोंमा (गढ़वाली/कुमाउनी)
    4. मेरी जन्मभूमि मेरो पहाड़
    5. अंताक्षरी
    6. हका का बाना
    7. ले मशाल (हिंदी)
    8. आंदि जांदी साँस


    तेरी सौं के दो संस्करणों में त्यार किया गया था उसी प्रकार इस फिल्म के गीतों को भी गढ़वाली, कुमाउनी और हिंदी में लिखा गया था। तेरी सौं फिल्म के गीत गढ़वाली में मदन डुकलान, कुमाउनी भाषा में हीरा सिंह राणा और जनगीत बल्ली सिंह चिमा द्वारा लिखे गए थे। गढ़वाली गीतों गायक थे नरेन्द्र सिंह नेगी, अलोक मलासी, अनुराधा निराला, विरेन्द्र नेगी, संगीता ढोंंढीयाल, संतोष पाण्डे(हिंदी) और कुमाउनी गीतों के गायक थे हीरा सिंह राणा, सत्य अधिकारी, कमलेश मिश्रा, अनिता नेगी।

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