Folk Songs

    जग छु यौ पराई शेरूवा हो

    Read This Article in Hindi/ English/ Kumauni/ Garwali

    जग छु यौ पराई शेरूवा हो, हिटो लौटि चलो।
    आपणि-आपणि होलि यां भोल रे, तेरी सुध को ल्हेलो।

    चै चै बेर यां मुख चानई।
    ठग रूनी यां ठगि खानई।
    को छु यां त्यर दुख देखणी।
    कैथैं कौले तू पीड़ आपणी।
     यै में छु भलाई शेरूवा हो, हिटो लौटि चलो।
     आपणि-आपणि होलि यां भोल रे, तेरी सुध को ल्हेलो।

    एक सा छन यां मनखी सारै।
    मुख में न्यारै दिल में न्यारै।
    सबै छन यां दिल दुखूणी।
    को छु तुकैं छाति लगूणी।
     यां रूनी हरजाई शेरूवा, हिटो लौटि चलो।
     आपणि-आपणि होलि यां भोल रे, तेरी सुध को ल्हेलो।

    धरमा जाड़ या खुकाव हैगी।
    मनखी जै के मनखी रैगी।
    आदिमकि इज्जत न्हैतिन यां।
    इज्जतकि कीमत न्हैतिन यां।
     यौ दुणी दुखदाई शेरूवा हो, हिटो लौटि चलो।
     आपणि-आपणि होलि यां भोल रे, तेरी सुध को ल्हेलो।

    यौ बिराण देश छु औरा।
    को देलो तुकैं द्वि घड़ी ठौरा।
    देखि माया, के माया है रैछो।
    माया में दुणी रणी मरैछो।
     माया लै दुणी खाई शेरूवा हो, हिटो लौटि चलो।
     आपणि आपणि होलि यां भोल रे, तेरी सुध को ल्हेलो।

    जग छु यौ पराई शेरूवा हो, हिटो लौटि चलो।

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